#उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवसके रजत जयंती महोत्सव में पीएम मोदी का स्वागत सांस्कृतिक विरासत और हस्तकला से हुआ भव्य अभिनंदन
#देहरादून, 09 नवंबर: उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस के ‘रजत जयंती’ समारोह के ऐतिहासिक अवसर पर आज देवभूमि की पावन धरा ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया।
#सांस्कृतिक भेंट से हुआ स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करने वाली विशेष भेंटें देकर किया। इन उपहारों में शामिल थे:
· #पहाड़ी शॉल: उत्तराखंड की शीतल हवाओं और स्थानीय परंपरा का प्रतीक एक पारंपरिक पहाड़ी शॉल।
· #श्री ओंकारेश्वर मंदिर की प्रतिकृति: केदारनाथ धाम के शीतकालीन निवास स्थल, ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर की एक सुन्दर प्रतिकृति, जो राज्य की गहरी आध्यात्मिक आस्था को दर्शाती है।
· #रजत जयंती स्मृति चिह्न: उत्तराखंड के 25 वर्षों के सफर और उपलब्धियों को समर्पित एक विशेष स्मृति चिह्न।
#हस्तनिर्मित तस्वीर: #आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक
इस कार्यक्रम का सबसे मनमोहक पल वह था जब मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के कुशल बुनकरों द्वारा हाथ से बुनी गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर भेंट की। यह कलात्मक कृति न केवल देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध हस्तकला परंपरा का जीवंत प्रमाण है, बल्कि यह ‘नए भारत के शिल्पकारों’ की सृजनशीलता और समर्पण का भी प्रतीक है। यह हस्तकला उस दृष्टि को साकार करने का प्रयास है, जिसके तहत स्थानीय कारीगर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को मजबूती से बुन रहे हैं।
#प्रधानमंत्री ने की प्रदर्शनी का अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगी हुई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न हितधारकों के साथ रुचिपूर्ण बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज्य की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में लगे लोगों के प्रयासों की सराहना की।
#भावनात्मक जुड़ाव को मिली नई ऊर्जा
यह आगमन प्रधानमंत्री मोदी के उस अटूट भावनात्मक जुड़ाव को एक बार फिर से रेखांकित करता है, जो वे देवभूमि उत्तराखंड से रखते हैं। उन्हें ‘माँ भारती के अनन्य साधक’ के रूप में याद करते हुए, यह समारोह राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बन गया है। उत्तराखंड का यह रजत जयंती उत्सव प्रधानमंत्री के आशीर्वाद और मार्गदर्शन में विकास की नई इबारत लिखने का प्रण लेता हुआ प्रतीत होता है।
